दिवाली की रात सारा मोहल्ला रोशनी से जगमगा रहा था। आर्या दीये जला रही थी जब आरव ने आकर उसके हाथों में एक छोटा दिया रखा और कहा – “ये दिया हमारे रिश्ते की तरह है, हमेशा रोशनी देगा।”
आर्या मुस्कुराई और बोली – “तो इसे हम दोनों मिलकर संभालेंगे।”
दीपावली उनके दिलों की भी रोशनी बन गई।

