मोहन नाम का एक सीधा-सादा और ईमानदार लड़का था। एक दिन उसे रास्ते में सोने की थैली मिली। उसने सोचा – “अगर मैं इसे रख लूँ तो असली मालिक दुखी होगा।” वह थैली प्रधान को दे आया। प्रधान ने घोषणा कर मालिक को ढूँढ निकाला। सबने मोहन की ईमानदारी की तारीफ़ की और उसे इनाम मिला।

