रोहन और सिया कॉलेज के दोस्त थे। सिया हमेशा हंसमुख रहती और रोहन चुपचाप उसे देखता। एक दिन मूसलाधार बारिश में दोनों एक ही छतरी के नीचे फँस गए। बारिश की बूंदें सिया के चेहरे पर चमक रही थीं। रोहन ने हिम्मत जुटाकर कहा – “सिया, मैं तुमसे प्यार करता हूँ।”
सिया मुस्कुराई और बोली – “मुझे भी कब से यही कहना था।”
उस दिन बारिश उनकी मोहब्बत की गवाह बन गई।

